गीत में भरकर जलधि का ज्वार लाया हूँ, छन्द में तूफान की हुँकार लाया हूँ,
शारदा के कण्ठ को अनुभव नया होगा, गूँथ फूलों की जगह अंगार लाया हूँ!,